रचनाकार सदस्य के लिए मंच की नियमावली

जो रचनाकार/ सदस्य रचनाकार / सदस्य  इस मंच के बारे में कुछ जानकारियां  चाहते हैं उनके लिए प्रश्न उत्तर के जरिये मंज़िल ग्रुप साहित्यिक मंच भारतवर्ष के बारे में यहाँ बताया  जा रहा है। भारतवर्ष  के इस साहित्यिक मंच के बारे में बहुत से प्रश्न हमसे रचनाकार साथिओं द्वारा सदस्यों द्वारा पूछा जाता है जिसका जवाब उन्हे  दिया भी जाता है कुछ प्रश्न हमसे हमेशा पूछे जाते हैं  इस कड़ी में हमने एक सामान्य सदस्य के द्वारा जो प्रश्न पूछे जाते हैं उनको यहाँ लिया है जिससे मंच से जुड़े सभी लोगो को लगभग सभी सामान्य प्रश्नों के उत्तर मिल जायेंगे । इसके बावजूद अगर कोई भी प्रश्न हमसे पूछे जाएंगे तो हम हमेशा उनके उत्तर देने को उपलब्ध रहेंगे  ।

प्रश्न – 01 मंच  के पास  रचनाकार जब अपनी रचना नहीं भेजता है  तो मंच को रचनाकार कि  रचना कहाँ से प्राप्त होती है

उत्तर . किसी भी रचनाकार की रचना किसी पत्र या पत्रिका से मंच नहीं लेता  है मंच  के  सदस्यों  द्वारा रचनाकारों द्वारा स्वयं  रचना हमारे  मंच के दिल्ली कार्यालय पर मेल या डाक द्वारा आती है। मंच के संयोजक तथा वे रचनाकार जो व्हाट्सअप के जरिये मंच से जुडे हैं उनकी रचनाएँ भी मंच वहां से तब लेता है जब मंच को रचना की मौलिकता का प्रमाणपत्र रचनाकार से मिल जाता है

प्रश्न – 02 मंच  रचनाकारों से रचना की मांग क्यों करता है

उत्तर . मंचीय आयोजन  से पूर्व  श्रोताओं की मांग  के बाद मंच के आयोजक संयोजक मंच के मुख्य कार्यालय दिल्ली से उस रचनाकार की  रचना की  मांग (रचनाकार की  दूसरी रचनाओं की मांग ) करते हैं जिनकी मांग श्रोताओं की तरफ  आई  होती है  यह जरूरी  नहीं है की रचनाकार अपनी रचना मंच को  भेजे वे चाहें मंच को रचना भेजें या चाहें ना भेजें निर्णय रचनाकार  को ही करना  होता है। मंच रचनाकार से श्रोताओं की मांग के अनुसार ( रचनाकार से )  उसकी प्रकाशित या अप्रकाशित रचनाएँ मांग सकता है  और उसे रचनाकार को देनी पड़ती है

प्रश्न – 03 रचनाकार सदस्य मंच से कैसे जुड़ते हैं उन्हे मंच से जुड़ने के लिए क्या करना  होता है  उनके लिए क्या कोई उम्र सीमा भी है कोई सदस्यता  शुल्क भी  मंच द्वारा निर्धारित है

उत्तर . इस मंच  से जुड़ने के लिए रचनाकार की उम्र १८ से  कम नहीं होनी चाहिए अधिकतम उम्र की  कोई सीमा नहीं है मंच से  जुड़ने के लिए रचनाकार से मंच द्वारा किसी भी तरह का  कोई शुल्क   सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता है रचनाकार को मंच से जुड़ने के लिए निम्न तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं उसे पूर्ण कर मंच को भेजनी होती है

(क) मंच को अपनी कम से कम पांच रचनाएँ (किसी एक विधा में या प्रकाशित पुस्तक  भेजना।)

(ख) स्वयं का एक ४X६ इंच साईज का  रंगीन  फोटो पोस्टकार्ड साइज का  (सिर्फ चहरे का भेजना होता है ।)

(ग)  अपनी साहित्यिक यात्रा(सफरनामा के बारे  में लिखकर भेजना।  कब और  कैसे किस उम्र में उसका (रचनाकार) का साहित्य के क्षेत्र में आगमन हुआ रचना लिखना सीखा  किससे और कब सिखा  और क्या क्या परेशानियां आई माता.पिता तथा भाई.बहन में से किसने मदद की कोई साहित्यिक व्यक्ति जिसका योगदान या सहयोग आपको मिला क्या अच्छा लगा क्या नागवार लगा। प्रथम रचना कब लिखी (किस उम्र में) कैसे लिखी (छिपकर या सबकी जानकारी में) प्रकाशकों से,  मुद्रकों से तथा संस्थाओं से आपको सहयोग मिला या नहीं पूरा विवरण रचनाकार को इस सफरनामा में लिखकर हमें भेजना है

रचनाकार से हमें उसका बायो.डाटा नहीं चाहिए

इस साहित्यिक सफरनामा में रचनाकार का जन्म कब हुआ, कहाँ हुआ, किस गाँव या शहर में हुआ, उसकी शिक्षा कहाँ तक हुई, वह कहाँ कार्यरत है या कार्य कर चूका है इसकी जानकारी भी मंच को उसे नहीं देना है उसकी कितनी रचनाएँ कहाँ कहाँ छपी है, कितनी पुस्तकें छपी हैं, कौन.कौन से पुरस्कार उसे मिले है इसका भी विवरण उसे नहीं देना है

 

प्रश्न – 04 मंच से जुड़ने के लिए क्या करना पड़ता हे कौन और कैसे मंच के सदस्य बन सकते है, क्या इसके लिए कोई नियमावली हे यदि हा तो क्या नियमावली है, क्या मंच को कोई सदस्यता शुल्क देना होता है

उत्तर – भारत देश का या किसी और देश का कोई भी रचनाकार इस मंच से जुड़ सकता है पर उसका लेखन सिर्फ हिंदी भाषा में ही होना चाहिए हिंदी भाषा में अनूदित रचनाएँ ही इस मंच द्वारा स्वीकार की जाती  हैं बाकि प्रश्नो के उत्तर प्रश्न क्रमांक ०३ के अनुसार हे

 

प्रश्न – 05 मंच के “रचना पाठ” कार्यक्रम कौन और कैसे  आयोजित  कर/करा सकता  है, कार्यक्रम के आयोजक सयोजक कौन हो सकता/सकतें हैं  उन्हे  मंच के लिए क्या क्या करना होता है

उत्तर . इस मंच का कार्यक्रम सिर्फ वही व्यक्ति सस्था आयोजित कर सकता है सकती है  जिसे कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार मंच ने लिखित रूप से दे रखा होगा। आयोजक संयोजक सारे आयोजन मंच नियमावली के तहत करेंगे मंच पर किसी भी रचनाकार को अपनी रचना पढ़ने की इजाजत नहीं होगी चाहे वह कोई भी हो आयोजक सयोजक के द्वारा भी आमत्रित किया हुआ ही क्यों ना  हो उसकी उपस्थिति में भी उसकी रचना नहीं पढ़ी जाएगी। वह रचनाकार अगर श्रोताओं में भी बैठा हो तब भी उसकी रचना नहीं पढ़ी जाएगी।

आयोजक संयोजक से सलाह लेकर अपने व्यवस्था के अनुसार श्रोताओं को आमंत्रित कर सकता है श्रोताओं की संख्या उनके बैठने की व्यवस्था श्रोताओं के लिए आयोजन स्थल की व्यवस्था रचनापाठ के लिए आमंत्रित रचनाकारों के लिए जलपान व्यवस्था करने ना  करने का अन्तिम निर्णय आयोजक को ही करना होगा। मंच की तरफ से किसी भी व्यवस्था के लिए कोई भी आर्थिक मदद नहीं दी जाती है।

रचनापाठ के लिए सभी  कुछ  संयोजक आयोजक  के द्वारा संचालित होगा एक पयर्वेक्षक की भूमिका में  संयोजक मंच का पदाधिकारी नियुक्त  सदस्य  रहेगा उसे सभी कुछ मंच के नियमानुसार ही करने होंगे अंतिम रिपोर्ट मुख्य कार्यालय को मेल या डाक से भेजने तक की जिम्मेवारी आयोजक संयोजक की होगी। आयोजक इस कार्यक्रम को  करवाने के लिए किसी व्यक्ति संस्था से  आर्थिक मदद संयोजक या मंच से पूछ कर ले सकता है कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार के बाहर आयोजक से पूछ कर आर्थिक योगदान करने वाला व्यक्ति संस्था अपना विज्ञापन बेनर लगा सकता है। मंच के बैनर पर सिर्फ अपना मोबाइल नंबर ही आयोजक संयोजक लिखवा सकता है मंच के  बैनर पर किसी का भी फोटो लगाने की अनुमति नहीं है  अगर मंच के द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है तो सम्मानित होने वाला या उसका कोई साथी मंच पर फोटो सम्मानित होने का विवरण संस्था से पुछ कर लगवा सकता है

 

प्रश्न – 06 मंच पर रचना पाठ  कौन कर सकता है  इसकी इजाजत कौन देता है मंच पर अध्यक्ष  मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि कौन होगा मंच संचालन की जिम्मेवारी किसकी होगी मंच पर सरस्वती वंदना कौन करेगा  मंच पर रचनापाठ कौन करेगा इसका निर्णय कौन लेगा

 

उत्तर – मंच पर रचना पाठ  कौन करेगा आयोजक संयोजक द्वारा तय किया जायेगा जो नियम 5 के उत्तर में भी बताया गया है मंच पर जो रचनापाठ  करेगा उसे रचनापाठ  करने का मंचीय अनुभव अवश्य होना चाहिए। उसे रचनाकार  होना मंचीय पाठ  करने का  कुछ अनुभव  होना अवश्य चाहिए।  एक रचनाकार किसी भी दूसरे रचनाकार की एक या दो या अनेक रचना कई रचनाकारों की रचना का रचनापाठ कर सकता है। पुरुष महिला रचनाकार इस  मंच से किसी भी रचनाकार की रचना पढ़ सकते हैं सकते हैं। रचना पढने की इजाजत आयोजक संयोजक के द्वारा दिया जाता है । रचना मंच के मुख्य कार्यालय/शाखा  कार्यालय संयोजक द्वारा आयोजक मंच प्रबंधक या मंच संचालक को दी जाती है मंच पर अतिथि कौन होगा इसका निर्णय स्थानीय आयोजक रचनाकार सम्मानित होने वाले रचनाकार तथा  उस दिन के लिए मंच द्वारा नियुक्त स्थानीय प्रबन्धक द्वारा तय किया जाएगा किसी भी अतिथि का मंचीय सम्मान फूलों से नहीं किए जाने की परंपरा इस मंच ने स्थापित की है । फूलों का उपयोग माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण  के लिए किया जाता है। सम्मान में पुस्तक पत्रिका भेंट की जा सकती है। मंच पर सह आयोजक  अपना बैनर लगा सकता है अतिथियों को गिफ्ट में कुछ उपहार दे सकता है मंच पर मंच की तरफ से जो भी प्रमुख व्यक्ति वहां होगा वह मंच के मध्य में नहीं बैठेगा  उसकी कुर्सी मंच के सबसे बाएं या दाहिने ही होनी चाहिए अगर इसका कोई उलघन करता है तो मंचीय कोड आफ कंडक्ट का उलघन माना  जायगा और इसके लिए मंच उसे दण्डित भी कर सकता है जलपान व्यवस्था कर सकता है।

आयोजक सह आयोजक सफरनामा पत्रिका के लिए जो भी विज्ञापन देगा उसे विज्ञापन पर 50 प्रतिशत  की छूट दी जाएगी। 

प्रश्न – 07 श्रोताओं को यह कब बताया जाता है कि रचना किस रचनाकार कि है क्या श्रोता रचना पाठ  के बाद रचना समीक्षा मंच को लिखित मेल द्वारा दे सकता है या नहीं  

 

उत्तर – मंच पर रचना पाठ  के बाद  सबसे पहले रचना पर प्रतिक्रिया मांगी जाती है श्रोता अपनी इच्छा से अपनी पसंद के रचना के तहत श्रेष्ठ रचना के  लिए हरा साधारण रचना के लिए पीला तथा ना पसंद आने वाले रचना के लिए लाल कार्ड दिखाते हैं इसके बाद ही श्रोताओं को रचनाकार के  बारे में बताया जाता है। मंच के  पास रचनाकार की  फोटो उपलब्ध होने पर श्रोताओं को रचनाकार की फोटो दिखा दी   जाती है। रचनाकार की रचना  पर प्रतिक्रिया श्रोता अपनी लिखित मेल से प्रेषित कर मंच को दे सकता  है। कुछ प्रतिक्रियायों को मंच की वार्षिक पत्रिका सफरनामा में  स्थान भी दिया जाता है।

 

प्रश्न .08 श्रोता कब अपनी तरफ से रचनाकार की रचना को लेकर  हरा पीला या लाल कार्ड  दिखा सकता  हैं  इन कार्ड का क्या तात्पर्य रचनाकार लिए सांकेतिक रूप से होता है

 

उत्तर . रचनापाठ के बाद श्रोताओं से जब प्रतिक्रिया स्वरुप कार्ड दिखाने  को  कहा जाता है तभी श्रोता  रचनाकार  के रचना  के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दे  सकता  है

श्रोता कार्ड के जरिये अपनी जो प्रतिक्रिया देता है वह रचनाकार के लिए उसके मेहनत  का  परिणाम होता है। रचनाकार को  विभिन्न  कार्ड के संकेत द्वारा श्रोता  अपनी बात प्रतिक्रिया रख देता है

हरा कार्ड . रचना बहुत अच्छी लगी . रचनाकार को  रचना और अच्छी लिखने की प्रेरणा मिलती है।

पीला कार्ड . रचना साधरण रही .रचनाकार को श्रोता बता देता है की कहीं कुछ कमी रह गई है।

लाल कार्ड . रचना पसंद नहीं आई .रचनाकार को सोचने के लिए श्रोता मजबूर कर देता है।

 

प्रश्न – 09 रचनाकार अपनी रचना पाठ  के समयक्या मंच पर श्रोताओं  के मध्य रह सकता  है

उत्तर – रचनाकार मंच पर या श्रोताओं के मध्य उस समय नहीं रह सकता  है  जब  उसकी रचना मंच से पढ़ी जाती है। रचनाकार  इस मंच से अपनी रचना नहीं पढ़ सकता है। आयोजक अगर चाहे तो रचनापाठ  के अगले सत्र  में  रचनाकारों को  स्वयं  की रचना पढने  इजाजत  दे सकता  है पर यह आयोजन इस मंच का आयोजन नहीं माना जायेगा। इस आयोजन में मंच का नियम बेनर कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है।

 

प्रश्न 10 रचनाकार को मंच यह कैसे बताती है की उसकी रचना को श्रोताओं ने पसंद किया है या नहीं 

उत्तर – रचनाकार को मंच द्वारा श्रोताओं की प्रतिक्रिया रचनाकारों को मिले कार्डों का विवरण SMS  द्वारा मेल द्वारा या डाक द्वारा भेजा जाता है। पूर्ण विवरण  जानने वार्ता के लिए कोई भी रचनाकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक से वार्ता मोबाइल पर कर  सकता है । श्रोताओं की प्रतिक्रिया  मंच की  वार्षिक पत्रिका में भी प्रकाशित  जाती है।

 

प्रश्न – 11  इस मंच का क्या उद्देश्य है इस मंच का निर्माण कब हुआ था अब तक  मंच की क्या क्या उपलब्धियां रहीं हैं रचनाकार तथा सदस्यों का इस मंच को क्या योगदान रहा है

उत्तर – इस मंच  का  उद्देश्य  हैं

रचनाकार  की रचना  को अधिक  से अधिक  श्रोताओं तक पहुँचाना।

रचना  को प्रमुखता मिले रचनाकार तो उसी रचना  से जाने .जाना लगेगा  जो  श्रोताओं  की  पसंद  हो  जाएगी।

प्रायोजित कार्यक्रमों के जरिये  रचनाकार का  महिमामंडम होने से रचनाकार बचें।

रचनाकार दूसरों  की रचना  पढने को तैयार हों दूसरे रचनाकारों को भी वे वही  मान .सम्मान दें  जो वे खुद चाहते हैं। यह गौर करने का  विषय  है की  मंच का  प्रयोग रचनाकार अपने साथी रचनाकार या किसी अन्य रचनाकार लिए करता है  क्योंकि उसे विदित होता है  कि  किसी अन्य शहर अन्य राज्य में जो उसकी रचना पढता है वह उसे जानता भी नहीं है।

श्रोता रचनाकार की  रचना सुनकर अपनी प्रतिक्रिया रचना के प्रति दे वह रचनाकार के सामने  जो चुप्पी साध लेता है  वह  ख़त्म हो।

श्रोता बिना रचनाकार से प्रभावित हुए अपनी राय रचना के बारे में  इस  कार्यक्रम  में रख सकता है

रचनाकार  को  अपनी  रचना पर सच्ची राय मिले ताकि वह और भी अच्छा लिखने की तरफ अग्रसर  हो सके।

इस मंच का  निर्माण  15  जुलाई  2010  को  हुआ था।

इस मंच की  उपलब्धि  यह है की इससे वे लोग श्रोता रचनाकार भारी संख्या में जुड़े हैं  जो मंच  के नियमों को उचित मानते हैं जहाँ रचनाकार को नहीं उसकी रचना को उचित स्थान दिया जाता है  यहाँ श्रोता बेबाकी से राय रखता है तहेदिल से रचनाकार उसे  मेल तथा डाक से स्वीकार करता है। यहाँ रचनाकार अपने रचना पर श्रोताओं  की राय जानने को बेचैन रहता है।

रचनाकार इस मंच के पास अपनी मित्रों की रचनाएँ भेजता है। श्रोताओं की मांग पर कार्यक्रम रचनाकार स्वतः कार्यक्रम  आयोजन करने के लिए प्रस्तुत हो जाते हैं अपनी रचना पढने की जगह दूसरे रचनाकार  की रचना पढने को प्रस्तुत हो जाते हैं क्योंकि वे इस बात से वाकिफ होते हैं की किसी रचनाकार ने भी उन्हे पढ़ा था तो उन्हे ग्रीन कार्ड मिले थे। हजारों की संख्या में रचनाकार  प्रतिवर्ष तथा प्रतिदिन 50 से 75 सदस्य इस मंच से जुड़ रहे हैं।

 

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