रईस अहमद फीगार -देहरादून की रचना

रईस अहमद फीगार -देहरादून की रचना

 

तुझे जब भी मेरा ख्याल आएगा।
‌जफ़ाओं पे अपनी मलाल आएगा।।
‌में खामोश हूँ तो फ़क़त इस लिए।
‌तुझे बात सुनकर जलाल आएगा।।
‌है दिल जीतना काम मुश्किल बहुत।
‌मगर रफ्ता रफ्ता कमाल आएगा।।
‌उसे इतनी फुर्सत कहाँ आजकल।
‌वो क्यूं पूछने मेरा हाल आएगा।।
‌वअगर साफ़ निय्यत नहीं आपकी।
‌तो क्यूं हाथ माले हलाल आएगा।।
‌है मुश्किल बहुत जोड़ना उसको फिर।
‌अगर दिल के शीशे में बाल आएगा।।
‌उसे ख़ूने दिल पेश कीजे “फिगार”।
‌वो हाथों में लेकर गुलाल आएगा।।

इनको “शतकवीर सम्मान”2 अप्रैल 2018 को देहरादून में मिलेगा।

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